चिट्ठे का प्रयोजन
हिन्दी चिट्ठों (blogs) पर हो रहे विपुल और विविध लेखन में निहित उत्कृष्ट सृजनशीलता और अभिव्यक्ति की सच्चाई के सामर्थ्य को उभारकर उसे व्यापक मंच पर ले जाने का एक सहकारी प्रयास। हिन्दी के ऑनलाइन पाठकों के लिए हिन्दी चिट्ठा जगत के निराले और रंग-बिरंगे संसार में झाँकने का एक झरोखा।
चिट्ठे की प्रकृति
यह एक सामूहिक चिट्ठा (Community Blog) है, जिसमें सभी हिन्दी चिट्ठाकार योगदान कर सकते हैं। हिन्दी चिट्ठाकारों को इसकी सदस्यता के लिए आमंत्रण भेजे जा रहे हैं।
क्या होगा इस चिट्ठे पर?
इस चिट्ठे पर हिन्दी चिट्ठाकारी के विकास क्रम, उसकी विशिष्टताओं, मुख्य प्रवृत्तियों, मौजूदा दशा और भावी दिशा के विश्लेषण के साथ-साथ हिन्दी के प्रमुख चिट्ठों का मूल्यांकन और विभिन्न चिट्ठाकारों के लेखन की समालोचना भी होगी। विभिन्न जनसंचार माध्यमों में हिन्दी चिट्ठों के संबंध में हुई चर्चा का संकलन भी यहाँ किया जाता रहेगा।
अंग्रेजी एवं विश्व की अन्य भाषाओं की ब्लॉगिंग, मुख्यधारा के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक जनसंचार माध्यम, हिन्दी की प्रमुख वेबसाइटों और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों के साथ हिन्दी चिट्ठाकारी के परस्पर संबंधों और प्रभावों की पड़ताल भी यहाँ की जाएगी।
हिन्दी चिट्ठों पर प्रकाशित व्यापक और दीर्घकालिक महत्व के उत्कृष्ट और पठनीय प्रविष्टियों को उनकी विषय-वस्तु के आधार पर वर्गीकृत करते हुए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ चिट्ठाकारों द्वारा यहाँ नियमित रूप से रेखांकित किया जाएगा।
अन्य समानधर्मी प्रयासों का पूरक
हिन्दी चिट्ठों के बारे में इंटरनेट से जुड़े समस्त हिन्दी भाषी समुदाय के बीच जानकारी और जागरूकता बढ़ाने, नया पाठक वर्ग बनाने, नये चिट्ठाकारों को आकर्षित और प्रोत्साहित करने, समाज और मीडिया में चिट्ठाकारी की ताकत और चिट्ठाकारों की आवाज को स्पष्ट और मजबूत तरीके से रखने तथा चिट्ठाकारी की पहचान स्थापित करने के लिए विभिन्न चिट्ठाकारों और उनके समूहों द्वारा किए जा रहे अन्य समानधर्मी प्रयासों का यह पूरक और सहयोगी है।
योगदान करने वाले का जिक्र प्रविष्टी के साथ नहीं है ।
Comment by अफ़लातून — January 9, 2008 @ 2:58 pm |
पिछले सात दिनों से इंटरनेट कनेक्शन बीमार था । इसलिए इस धाम पर नहीं आ पाये । अदभुत परिकल्पना है । अभी तो सहयोग की स्थिति में नहीं हैं । पर ऐजेन्डे में सहयोग वाला पॉइंट रहेगा । इस धाम पर अकसर चक्कर काटने होंगे । बहुत अच्छा है । शुभकामनाएं ।
Comment by yunus — January 11, 2008 @ 6:24 pm |
Comment by bibomedia.com — March 6, 2008 @ 3:24 am |